क्या गुरु से ज्यादा आता है आपको | Kya Guru Se Jyada Aata Hai Aapko Motivational Story

जीवन में सपनों के लिए कभी अपनों से दूर मत होना। क्योंकि अपनों के बिना जीवन में सपनों का कोई मोल नहीं…..

एक बार एक राज्य में तलवार बाज रहा करता था और उसके तलवारबाजी के चर्चित दूर-दूर तक थे उसने अपने राजा को कई लड़ाइयां अकेले के दम पर जताई थी राजा ने उसे सेनापति की उपाधि दे रखी थी वक्त उसका भी चला गया और वह धीरे-धीरे बूढ़ा होने लगा और जो उसके पास वह विधा थी यह जो कला थी यह जो तलवारबाजी वह जानता था उसे लगा कि मेरे जाने के बाद यह किसी के काम नहीं आएगी तो क्या किया जाए क्यों न किसी को सिखाया जाए तो उसने राजा सबको जा करके बोला यह जो तलवारबाजी का ज्ञान है

मेरे पास आप उसे लोगों तक पहुंचाएं और आप कहिए अगर वह सीखना चाहे तो मेरे पास आ जाए राजा बहुत ही मानता था उस तलवारबाज को उस सेनापति को तो उसने कहा ठीक है भाई राज्य में ढिंढोरा पिटवा गया हमारे जो सबसे बड़े तलवारबाज हैं वह तलवारबाजी सिखाना चाहते हैं अगर आप तो चाहें लोगों ने सुना अगले दिन से उसके पास मैं शिष्य आना शुरू हो गए ऐसी करते करते बहुत से बच्चे इकट्ठे हो गए शिक्षा देते देते वो  तलवारबाज गुरु बन गया लोगों को तलवारबाजी सिखाने लगा सिखाने वाला सब कुछ सही चल रहा था बहुत ज्यादा से से तैयार होने लगे लेकिन उस शिष्य में यह किसी की जिंदगी में होता है ऐसा कोई निकल आता है जो एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी होता है  जिसके अंदर कुछ अलग बात होती है

उनमें से एक ऐसा था की उसे लग रहा था कि उसे गुरु से भी ज्यादा आ  गया है और उस से को लगता था कि उसने सब कुछ सीख लिया है अब वो अपने आप को इतना माने लग गया कि उसको अपने ऊपर घमंड आ गया जो उसको नहीं आना चाहिए था और उस शिष्य ने राजा साहब को कहने लगा कि राजा साहब एक बात आपको मैं कहना चाहता हूं आपने उन्हें सेनापति बनाया मुझे भी सेनापति बनना है क्योंकि मुझ में उनसे ज्यादा प्रतिभा है मुझे उनसे ज्यादा तलवारबाजी आती है राजा  को लगा कि यह शिष्य जो कल तक सीख रहा था आज सेनापति बनना चाहता है अपने गुरु को चैलेंज करना चाहता है राजा ने कहा कि चलो एक काम करते हैं तुम्हें इतना ही लगता है कि तुम्हारे अंदर इतने गुण हैं 

उनके साथ में जो तुम्हारे गुरु हैं एक मुकाबला करते हैं शिष्य तैयार हो गया और गुरु तक बात पहुंचाई गई कि वह जो आपका शिष्य है उसे लगता है कि आप से ज्यादा उसे तलवारबाजी आती है और वह आपको चैलेंज करना चाहता है आप से मुकाबला करना चाहता है उसे लगता है कि उसे आप से ज्यादा तलवारबाजी आती है गुरु ने सोचा कि वाह यह तो बड़ा कमाल निकला गुरु ने उस चुनौती को स्वीकार कर लिया जब शिष्य को मालूम चला फिर वह घबरा गया क्यों मेरे गुरु ने जो बूढ़े हो चुके हैं क्यों मेरे साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हो गए अब उसे चिंता सताने लगी उसे लग रहा था कि शायद मेरे गुरु  ने मुझे कुछ चीजें नहीं सिखाइए शायद ऐसी कोई ट्रिक है जो उनके पास है मेरे पास नहीं है शायद गुरु ने मुझे कुछ सिखाया नहीं है और मुझे लगता है उसी से मुझे वह हरा देंगे अब इसी बात पर उसे चिंता सताने लगी राजा ने डेट डिसाइड कर दी अगले 6 दिन बाद मुकाबला था

यह जो शिष्य था अपने गुरु पर नजर रखने लगा यह हो जा कर देखने लगा छुप छुप कर देखने लगा कि मेरे गुरु क्या कर रहे हैं 1 दिन गुरु जो था जो तलवारबाज था 1 दिन लोहार के पास गया और कहा 15 फुट लंबी एक म्यान बना दो इसने सुना जो यह शिष्य था वह चौक गया यह घर आया सोचने लगा कि क्या करेंगे मेरे गुरु इतनी लंबी तलवार से 15 फुट लंबी तलवार से मेरा सर जो है धड़ से अलग कर देंगे इसे बहुत चिंता हुई इसने सोचा कि क्या करें यह गया दूसरे लोहार के पास और उसने जाकर बोला 16 फुट लंबी यानी 1 फुट लंबी तलवार बना दो मुकाबले का दिन आ गया 

6 दिन बाद पूरा राज्य वहां इकट्ठा हो गया मुकाबला देखने के लिए वह दोनों तलवारबाज के बीच आज मुकाबला था यह जो बूढ़ा तलवार बाज यह गुरु और शिष्य जिसे लगता था कि इसे गुरु से ज्यादा मालूम है यह दोनों मैदान में उतरे जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ गुरु ने तलवार निकालकर के शिष्य के गर्दन पर रख दी शिष्य जो था वह म्यान से तलवार निकालता ही रह गया क्योंकि गुरु ने सिर्फ 15 फुट लंबी म्यान बनवाई थी और उसमें म्यान में 3 फुट लंबी छोटी सी तलवार थी लेकिन शिष्य ने 16 फुट लंबी तलवार बना ली थी

इसका कहानी से यह सीख मिलती है

ऐसे बहुत से व्यक्ति होते जैसे लगता है कि हमें गुरु से बहुत ज्यादा आता है बस मैं ही हूं मैं भी हूं यह थोड़ा चल सकता है हम अपनी लाइफ में जिस दिन सीखना बंद कर दिया उस दिन हम पढ़ना भूल जाएंगे कभी भी हमें अपने ज्ञान पर घमंड नहीं करना चाहिए हमें हरदम सीखने की ओर ध्यान देना चाहिए मेरा यह मानना है कि लाइफ सबसे बेस्ट टीचर है लाइव से बढ़िया कोई हमें नहीं सिखा सकता 

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