4 ज्ञान की बात | 4 A Matter Of Wisdom Motivational Story

आप खुश हो अच्छी बात है आपकी वजह से कोई खुश हो ये सबसे अच्छी बात है

एक बार की बात है एक राजा साहब के पास में एक सुंदर और बड़ा विशाल सा महल था और उस विशाल से महल में एक सुंदर सी बगीची थी और उस सुंदर सी बगीची में एक माली था और अंगूरों की बेल थी माली जो था वह बड़ा परेशान बड़ा दुखी था की अंगुलियों की बेल पर रोजाना एक चिड़िया आकर के आक्रमण करती थी और कुछ इस तरीके से वह आक्रमण करती थी जो मीठे मीठे अंगूर थे उन्हें तो वह खा लेती थी जो आधा पाके थे जो खट्टे अंगूर थे उनको जमीन पर गिरा जाती थी माली इस बात से बड़ा परेशान चल रहा था कि इस अंगूरों की बेल को चिड़िया एक दिन तबाह कर देगी नष्ट कर देगी उसने बहुत कोशिश की तो उसको कोई सलूशन मिला नहीं तो वह माली उस राजा के पास गया और राजा साहब को जाकर के कहा कि मालिक आप ही कुछ करिए मुझसे कुछ नहीं हो पा रहा है

अंगूरों की बेल कभी भी खत्म हो सकती है राजा ने कहा कि माली साहब आप टेंशन मत लीजिए आपका काम मैं करूंगा अगले दिन राजा साहब पहुंचे खुद अंगूरों की बेल के पीछे जाकर के छुप गए और जैसे ही चिड़िया आई राजा ने फुर्ती दिखा करके उस चिड़िया को पकड़ लिया जैसे ही चिड़िया को पकड़ा तो चिड़िया ने राजा से कहा हे राजन मुझे माफ कर दो मुझे मत मारो मैं आपको चार ज्ञान की बातें बताऊंगी

राजा बहुत गुस्से में थे बोला पहली बात बताओ चिड़िया ने कहा कि अपने हाथ में आए हुए शत्रु को कभी जाने ना दें राजा ने कहा दूसरी बात बता कभी भी असंभव बातों पर यकीन ना करें राजा ने कहा बहुत हो गया ड्रामा अब तीसरी बात बता चिड़िया ने कहा बीती बातों पर पश्चाताप ना करें राजा ने कहा चौथी बात बता अब खेल खत्म करता हूं बहुत देर से परेशान कर रखा है 

चिड़िया ने कहा राजा साहब आपने जिस तरीके से मुझे पकड़ा हुआ है मुझे सांस नहीं आ रही है अगर आप मुझे थोड़ा सा छोड़ देंगे ढील देंगे तो शायद मैं आपको चौथी बात बताता हूं राजा ने थोड़ी सी ढील दी और चिड़िया उड़ करके डाल पर बैठे गई चिड़िया ने कहा राजा साहब मेरे पेट में दो हीरे हैं यह सुनकर के राजा पश्चाताप करने लगा उदास हो गया और राजा की शक्ल देख कर के चिड़िया ने कहा कि राजा साहब अभी आपको 4 ज्ञान की बात बताई थी 

पहली बात बताई थी अपने शत्रु को हाथ में आने के बाद कभी छोड़े ना अपने हाथ में आए शत्रु को यानी कि मुझे छोड़ दिया दूसरी बात बताई थी असंभव बात पर यकीन ना करें आपने यकीन कर लिया कि मेरे छोटे से पेट में दो ही रहे तीसरी बात बताई थी बीती हुई बात पर पश्चाताप ना करें आप उदास हैं आप पश्चाताप कर रहे हैं जबकि मेरे पेट में हीरे है ही नहीं जो है ही नहीं उसको सोच कर के आप पश्चाताप कर रहे हैं उस चिड़िया में चार बातें उस राजा को नहीं बल्कि हम सब को बताएं हम सब जो बीत चुका का होता है 

इसका हमें यह सीख मिलती है कि

हमेशा पास्ट में रहते हैं और हम आने वाले फ्यूचर की बिल्कुल भी नहीं सोचते  प्रेजेंट मैं रहना शुरू कीजिए फ्यूचर के लिए तैयार रहिए अपने सपने को हमेशा का करना है

RELATED ARTICLES