एक दही की कटोरी | Ek Dahi Ki Katori Motivational Story

आओ सब से हम दुआ मांगे जिंदगी जीने का अदा मांगी अपनी खातिर तो बहुत मांगे आओ आज  सब के लिए ” भला ” मांगे…

यह कहानी एक बड़े बिजनेसमैन की है जिनके लाइफ में जिनके जीवन में सब कुछ सही चल रहा था ऊपर वाले की दुआ थी इनके घर में सभी लोग खुश हैं इनका बेटा भी खुश था कुल मिलाकर उनके घर में कोई भी चीज से कम ही नहीं थी बेटा फौरन में पढ़ाई कर रहा था एक दिन एक्सीडेंट में उनकी Wife की डेथ हो गई

ऐसा लग रहा था कि लाइफ में उनकी सब कुछ खत्म हो गया बेटा जब फौरन से वापस आया उसके पिता ने अपने बेटे से रिक्वेस्ट की कि बेटाअब छोड़कर मत जाना आप मेरे साथ ही रहना मेरे साथ रहकर यहीं इसी शहर में पढ़ाई करना सब कुछ अच्छा हो जाएगा जो इन के पड़ोसी थे जितने भी रिश्तेदार थे जो रिलेशन में थे इन्होंने इन से रिक्वेस्ट की कि भाई साहब आप दूसरी शादी कर लीजिए 

पर इनका कहना था जो मेरे पास वाइफ थी मेरी पे बड़ा उपकार करके गई है मेरा मुझे बेटा दे गई है इन्होंने दूसरी शादी नहीं की ये इंतजार करते रहे कि मेरा बेटा बड़ा हो जाए बिजनेस संभालने का लायक हो जाए जब बेटे ने पढ़ाई पूरी कर ली तो उसके पिताजी ने इसके हाथ में बिजनेस सौंप दिया यह भी कभी-कभी ऑफिस चले जाते थे दोस्तों से मिलने के लिए इन्हीं लग रहा था कि उनकी लाइफ पर ट्रक पर आ रही है इसके पिता जी ने इससे कहा कि बेटा अब आप शादी कर लो घर में एक बहू आ जाए बेटा अपने बाप की बात टाल नहीं सका ऊपर वाले का आशीर्वाद था जो मन में ख्वाहिश करी पूरी हो गई शादी हो गई और घर में बहू आ गई

बेटा की शादी के एक साल बाद में जब भी ऑफिस से घर आए थे इन्होंने अपनी बहू से रिक्वेस्ट की कि बेटा आज खाने में दही लगा देना बहू ने कहा कि पिता जी दही तो खत्म हो गई जिसकी पिता थे वो बिना दही खाए ऐसी लंच करके ऑफिस चले गए उसके बाद में बेटा बहु के साथ खाना खाने बैठा तो पता नहीं कहां से कटोरी में दही आ गई बेटे ने वह देख लिया मगर बेटे ने अपनी वाइफ से कुछ नहीं कहा बेटा भी चुपचाप ऑफिस चला गया कुछ दिन के बाद बेटा अपने बाप को कॉल करता है और कहता है

कि पापा जी आप भी जल्दी से यहां आ जाइए और मैं आपको लेकर के कोर्ट जाऊंगा मुझे आप की दूसरी शादी करानी है तो पिताजी गुस्सा हो गए और बोला कि बेटा क्या जरूरत है मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि तुम क्या कर रहे हो सब कुछ तो सही चल रहा है मेरे घर में बेटा है बहू है कुछ सालों बाद पोता पोती भी आ जाएंगे तुम्हें क्या मां की जरूरत है चाहिए जो मां का प्यार है वह मैं दे रहा हूं इतने सालों से मैं ही देता आ रहा हूं जो बेटे ने कहा उसका बाप भी चौक गया

बेटा बोलता है पापा ना तो मैं आपके लिए बहू लेने जा रहा हूं ना ही मैं अपने लिए मा लेने जा रहा हूं मैं तो सिर्फ आपके लिए दही का इंतजाम करना चाह रहा हूं पापा की दूसरी शादी करवाने के बाद बेटा वो घर छोड़ दिया और जो बिजनेस उसने संभाली थी अपने पापा जी की उसी में फिर से एंप्लॉय की तरह नौकरी करने लगा ताकि उसकी वाइफ को दही का प्राइस मालूम चले उस दही वैल्यू मालूम चले उसकी लाइफ की वैल्यू मालूम चले उसके रिलेशन के बारे में मालूम चला

इस कहानी से यह सीख मिलती है

हर कोई अपनी फैमिली से अलग होना चाहता अलग भागने जाता है फैमिली की कीमत उससे पूछो जिसके पास फैमिली नहीं ह

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