मुसीबत का सामना करना | Face Trouble Motivational Story

जिंदगी में वह लोग सफल होते हैं जिनकी किस्मत अच्छी होती है लेकिन इस जिंदगी में वह लोग महान होते हैं जिनकी लगन अच्छी होती है 

एक बार गिद्धों का एक झुंड उड़ते उड़ते एक टापू पर जा पहुंचा समुंद्र के बीचो बीच उस टापू पर उनके खाने के लिए बहुत सारी चीजें थी मछलियां थे मेंढक थे समुद्री जीव थे गिद्धों को तो मजा आ गया कुछ जो युवा गिद्ध थे वह बोले कि बढ़िया यहां तो पूरी जिंदगी हम यही रहेंगे कहीं जाने की जरूरत नहीं है सबसे कमाल की बात ये थी उस टापू पर इन गिद्धों का शिकार करने वाला कोई जंगली जानवर भी नहीं था 

तो सब कुछ आराम से चलने लगा कुछ दिन बीते जो इनमें से  एक बूढ़ा गिद्ध था उसे चिंता होने लगी उसे लगा कि जो यह गिद्ध है यह अपनी जिंदगी में कोई चैलेंज का सामना नहीं कर रहे हैं स्ट्रगल नहीं कर रहे हैं मैंने अपनी जिंदगी में जितने दुख देखे हैं मुसीबतों का सामना किया है क्या यह गिद्ध जिंदगी का असली मतलब समझ पाएंगे क्या यह गिद्ध जब मुसीबत आएगी तो उसके लिए क्या तैयार हो पाएंगे तो इसने  सारे गिद्धों को बुलाया सब ने बूढ़े गिद्ध की सुनी क्योंकि वह सबसे बूढा था उसने बोला कि देखो मैं आपसे एक बात बोलना चाहता हूं इस टापू पर सब कुछ सही चल रहा है लेकिन कोई मुसीबत नहीं आ रही है हमें कोई चैलेंज जो होता है उसका सामना कैसे करना है ये सीखने को नहीं मिल रहा है तो मैं तो आपसे बोलता हूं कि हम सब चलते हैं जिस पुरानी जंगल में रहते थे वही चलते हैं वहां जाकर के हम जिएंगे तो एक गिद्ध ने बोला कि आपका तो दिमाग सठिया गया है आप क्या फालतू की बातें कर रहे हो बूढ़े हो गए हो तो पता नहीं क्या-क्या बोल रहे हो बूढ़े गिद्ध ने कहा कि मैं सिर्फ तुमसे एक बात बोलना चाहता हूं 

हम में से कई सारे ऐसे हैं जो उड़ान तो छोड़ो उड़ना तक भूल गए हैं यही आराम से घूम रहे हैं बूढ़े गिद्ध ने बोला कि अगर कोई आप मेरे साथ आना चाहता है तो साथ चल सकते मैं तो जाने वाला हूं उसने उड़ान भरी और फिर से अपने पुराने वाले जंगल में चला गया जहां पहले रहता था यह सारे गिद्ध जो थे इस टापू पर थे एक दिन उस बूढ़े गिद्ध को लगा कि चलो मिलने चलते हैं अपने बाकी साथियों से उड़ता हुआ वापस उस टापू पर पहुंचा जब वह वहां पर पहुंचा देखा कि वहां का सीन बदल चुका था वहां गिद्धों की लाश पड़ी थी कुछ घायल गिद्ध जो थे वह दर्द से करा रहे थे वह बूढ़ा गिद्ध एक घायल गिद्ध के पास पहुंचा और उससे पूछा कि यहां पर क्या हो गया तो उस घायल गधे ने बताया कि आप सही कह रहे थे हमने मुसीबत का सामना करना क्या होता है ये सीखा ही नहीं  

यहां पर कुछ दिन पहले एक जहाज आया जहाज में से जीते छोड़े गए जब चीते इस टापू पर आए पहले तो उन्होंने हम पर हमला नहीं किया लेकिन बाद में उन्हें मालूम चला कि हम तो उड़ते भी नहीं है हम तो उड़ना भी भूल गए हैं और जो हमारे पंजे हैं इस लायक भी नहीं है कि हम किसी पर अटैक कर सकें तो उसके बाद उन चीजों ने हम पर हमला करना शुरू किया एक एक करके एक एक करके सारे गिद्धों को खाना शुरू किया हम में से कुछ एक पड़े हैं जो फिलहाल इस टापू पर पढ़े हुए हैं 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है

छोटी सी कहानी जिंदगी में  हमें यह बात सिखाती है कि हम अगर अपने कंफर्ट जॉन में चले गए तो वहां से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे जब आपको समझ आएगी तब तक बहुत ज्यादा देर हो चुकी होगी इसीलिए लाइफ में कभी भी कंफर्ट जोन में ना जाए आप अपने आप को चैलेंज देते रहे अगर हम खुद को चैलेंज देते रहेंगे तो जिंदगी में आगे बढ़ते रहेंगे और वह दुनिया भी महान कहेंगे 

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