गुरु से बढ़िया सिख | Guru Se badhiya Sikh Motivational Story

जब से सब के अलग-अलग मकान हो गए बचपन में साथ खेलने वाले भाई एक दूसरे के मेहमान हो गए

एक बार एक टीचर अपने संपन्न परिवार के शिष्य को लेके जाता है और कहता है कि चलो मैं तुम्हें सच्चाई दिखाता हूं जिंदगी का जो दूसरा हिस्सा है वह दिखाता हूं उसको लेकर के जाता है जंगल के बीचो बीच से खेत में से होता हुआ जो खेत होता उसके बॉर्डर पर यह लोग चल रहे होते हैं जो शिष्य होता है वह देखता है खेत के बीच में एक मजदूर मजदूरी कर रहा होता है तो उसे पूछता है यह लोग खेत में मेहनत करते हैं बड़े मेहनती लोग हैं थोड़ा आगे चलता है वह आपस में बात कर रहे होते हैं तो शिष्य देखता है वहां पर एक फटी पुराने जूते रखे हुए हैं शायद वह उस मजदूर के थे और थोड़ी दूर पर थैला रखा हुआ था उसमें टिफिन था

उसके खाने के लिए होगा तो बोलता है सर मैं छोटी सी मजाक करना चाहता हूं इस मजदूर के साथ में जूते छुपाते और थैला छुपा देते हैं हम झाड़ी के पीछे बैठ कर के देखते है कि क्या करता है तो टीचर्स जो था बड़ी गंभीरता से समझाते हैं और बोलता है कि नहीं हम कुछ अलग करते हैं तुम एक काम करो तुम उस थैले में जाकर के रुपए रख दो तो हम छुप के देखेंगे कि क्या करता है फिर वह जो शिष्य जाता है उस थैले में जाकर के दो 500 के नोट रख देता है फिर टीचर कहता है कि आओ अब छुपते हैं झाड़ी के पीछे और देखते हैं कि क्या हो रहा है मजदूर जो है मजदूरी करके वापस आता है अपने जो फटे पुराने जूते होते है उस पहनता है पैर में जो कांटे चुभ जाते हैं उस कांटे को निकालता है जूते पहन कर के अपना थैला उठाता है घर जाने के लिए देखता है 

कि उस थैले के अंदर दो 500 के नोट रखे हुए होता  हैं नोट को बड़े गौर से देखता है उस नोट को देख ने के बाद फिर अपने चारों तरफ आस पास देखता है खेत के आसपास कोई भी नहीं दिखता है फिर जोर से चिल्ला करके ऊपर वाले को धन्यवाद देता है और कहता है कि हे ऊपर वाले आप ने मेरी सुन ली आज मेरी बीमार पत्नी के लिए दवा लेने जाना था और ये पैसे का इंतजाम हो गया अब जो ये शिष्य था बड़े गौर से अपने टीचर को देखता है मुस्कुराता है और बोलता है कि सर आपने आज सिखा दिया मुझे की जो जिंदगी में लेने से ज्यादा मजा जो देने में सुख है जो आप किसी को आनंद देते हैं किसी की मदद करते हैं उसमें में ही खुशी है

इस कहानी से सीख मिलती है 

हमें जिंदगी में किसी का ऊपर वाला कब बना कर भेज दे यह मैं खुद भी मालूम नहीं होता हमें अपनी जिंदगी में अपने आसपास लोगों का ध्यान रखना चाहिए

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