अभी भी इंसानियत कायम है | Humanity Still Survives Motivational Story

तेरे दर पर आने से पहले मैं बड़ा कमजोर होता हूं, तेरे दहलीज को छूते ही मैं कुछ और होता हूं।

एक बंदा फल खरीदने के लिए मंडी में गया और शाम का वक्त था वहां देखी की एक रेडी पर फल थे लेकिन उससे रेडी पर फल वाला नहीं था मुझे लगा कि वह बंदा कहां गया आसपास ढूंढा तो कोई दिखा नहीं रेडी के छत पर एक छोटा सी बोर्ड टंगा था और उस बोर्ड पर लिखा था अगर आप जल्दी में है तो फल तोल ले आपके जो पैसे बनते हैं रेट कार्ड पास में रखा है इस गत्ते के पास में रख है वो पैसे गत्ते के नीचे रख दें और चले जाए क्योंकि मुझे बीच-बीच में घर जाना पड़ता है क्योंकि मेरी मां बूढ़ी है घर में कोई और देखभाल के लिए नहीं है तो उन्हें खाना खिलाने के लिए दवा खिलाने के लिए उन्हें टॉयलेट कराने के लिए घर बार बार जाना पड़ता है

एक लाइन नीचे और लिखी थी कि अगर आपके पास में पैसे नहीं है तो आप मुफ्त में ले जाएं आप को इजाजत है जो बंदा यह पढ़ रहा था उसे लगा कि यह कौन हो सकता है आज के जमाने में भी इतना विश्वास लोगों पर कर लिया फिर भी वह बंदा आसपास देखा कि कोई नहीं था फिर भी प्राइस लिस्ट में जाकर देखा कि किसका कितना कितना प्राइस था 2 kg (किलो) एप्पल ले लिए एक दर्जन केले ले लिए जो पैसे बनते थे वो जो बता रखा था वहां पर उसके गत्ता के नीचे पैसे रखा तो देखा कि वहां पर पहले से पैसे भी रखे हुए थे ₹100 का नोट था 10 10 के नोट थे ₹20 के ₹50 के नोट रखे हुए थे वहां पर तो मुझे लगा कि हां भैया लोग जो है वह कर तो रहे हैं तो वो बंदा शाम में घर गया खाना-वाना खाया घूमने के लिए फिर से निकला रात में तो वह रेडी वाला दिखा फल वाला दिख गया एक व्यक्ति जो था धक्के लगाते हुए ले जा रहा था कमजोर तथा फटे पुराने कपड़े पहने हुए थे फिर इस बंदे ने आवाज दी 

तो उसने कहा कि बाबू साहब अब फल नहीं है आप कल आइए तो उस बंदे ने कहा कि फल तो ले लिए पैसे भी रख दिए साथ में गत्ते के नीचे आपसे कुछ बात करना चाहता हूं उनको वो बंदा लेकर के ढाबे पर गया बोला कि खाना वाना खाओगे बोला कि नहीं नहीं तो उन दोनों ने एक चाय मंगा ली चाय पर थोड़ी चर्चा चलने लगी तो उस बंदे ने उस फल वाले का नाम पूछा फिर पूछा कि यह कहानी है आपकी बोर्ड वाली आप ऐसे ही रख करके चले जाते हैं रेडी छोड़ करके चले जाते हैं आपको नहीं लगता कि आप के समान छोड़ देंगे फलबल जो है चोरी हो जाएंगे तो उस फल वाले ने जो कहानी सुनाई वह जरा ध्यान से पढ़िए गा

उस फल वाले ने कहा कि बाबू साहब मेरी मां पिछले दो-तीन साल से बहुत बीमार रहती है मेरा कोई बेटा बेटी नहीं है मेरी बीवी भी अब इस दुनिया में नहीं अब इस दुनिया में मैं हूं और मेरी मां है तो मैंने एक दिन अपनी मां से कहा उनके पैर दबाते हुए की मां आप मुझे बार-बार कहते हो कि घर में रहा कर तू बाहर चाहता है तो जी घबराता है मन नहीं लगता लेकिन आप समझो कि मेरे पास में पैसा नहीं है अगर मैं घर में रहूंगा तो पैसा कमआएगा कौन फिर आप की देखभाल कैसे होएगी तो मेरी मां ने वो ऊपर वाले में बहुत यकीन रखते हैं उन्होंने ऊपर वाले को याद करके कहा कि बेटा एक काम कर तू  रेडी को वहां मंडी में छोड़ करके आ जाया कर और एक बोर्ड लगा दे 

और लिख दिए सारी कहानी और तू देख साम में जब तू वापस लेने के लिए जाएगा तो ₹1 रुपए ऊपर नीचे नहीं होगा मैंने अपनी मां से कहा कि क्या आईडिया दे रही हो आप सोच भी रहे हो कि क्या बोल रही हो आज की दुनिया में इतने चोर उचक्के हैं ऐसा माहौल है ऐसे में कौन मेरी बात पर यकीन करेगा और जिस रेडी पर रेडी वाला नहीं होगा फल वाला नहीं होगा वहां से फल कौन खरीदेगा मेरी मां ने कहा फालतू की बातें मत कर और ऊपर वाले को याद कर हमारी किस्मत में जितना बनता है वो अपने आप हमारी किस्मत में आ जाएगा

उस दिन से  बाबू साहब ढाई से 3 साल  हो गए रोज ये करता हूं सुबह जाता हूं  रेडी पर फल जो है रेडी पर ही छोड़ कर आ जाता हूं और शाम में जाता हूं सीधा लोगों को शायद लगता होगा कि बीच-बीच में जाता हूं लेकिन आता नहीं हूं और आप यकीन नहीं करोगे मतलब रोजाना एक रुपए ऊपर नीचे नहीं होता उल्टा कई बार ज्यादा मिलते हैं कई बार मां के नाम पर वहां लोग कुछ और ज्यादा रुपया रख जाते हैं

छोटे-छोटे बच्चे मां के लिए खाने पीने की चीजें रख जाते हैं एक बार छोटी बच्ची पुलाओ रख कर चली गई और साथ में एक पर्ची भी रख के चली गई ये आपकी मम्मी के लिए एक बार एक डॉक्टर साहब अपनी पर्ची रख कर चले गए उस पर लिख गए कि आपकी मां अगर ज्यादा बीमार हो तो आप मुझे इस नंबर पर कॉल कर लीजिएगा तब से सब कुछ वैसा ही चल रहा है में हमारी किस्मत में जितना है मां की आशीर्वाद से ऊपर वाले के आशीर्वाद से सब कुछ मिल रहा है

इस कहानी से यह सीख मिलती है की 

इस दुनिया में आपका रिश्ता ऊपर वाले से मजबूत है तो नीचे वाले आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते यह कहानी सबसे बड़ी बात बताती है कि तेरे दर पर आने से पहले मैं बड़ा कमजोर होता हूं तेरी दहलीज को छूते ही मैं कुछ और होता हूं हमें अपने ऊपर यकीन होना चाहिए अपने भगवान के ऊपर यकीन होना चाहिए ऊपर वाले के ऊपर यकीन हो हमारे जीवन में ऐसा कोई चीज नहीं है जो आपको नहीं मिलेगी वक्त लग सकता है लेकिन देर है अंधेर 

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