मुझे अपनी मां से घृणा है | I Hate My Mom Motivational Story

सच्चाई की इस जंग में कभी झूठ भी जीत जाते है…..समय अपना अच्छा ना हो तो, कभी अपने भी रुठ जाते हैं

यह कहानी है एक ऑथोर कि और  वह लिखते हैं कि मैं अपनी मां से बहुत ही नफरत करता था मुझे मेरी मां पसंद नहीं थी क्योंकि मेरी मां एक आंख वाली थी जो वो स्कूल में मुझे छोड़ने के लिए आती थी दोस्त मजाक उड़ाते थे जब मैं थोड़ा सा बड़ा हुआ तो मैंने अपनी मम्मी को मना कर दिया कि प्लीस मम्मी मुझे छोड़ने मत आया करो और हो सके तो मुझसे दूर रहा करो

फैमिली फंक्शन में दोस्त के बर्थडे पार्टी में कहीं भी मैं अपनी मां को नहीं ले जाया करता था मुझे मैनेजमेंट हुआ करती थी कि मेरी मां एक आंख वाली है मैंने जल्दी-जल्दी पढ़ाई पूरी की और शहर को छोड़कर के दूसरे शहर में आ गया वहां नौकरी करने लगा और एक नई लाइफ बना ली अपनी फैमिली वाइफ बच्चे हम खुश खुश रहा करते थे एक दिन घर की डोर बेल बजी और सभी बच्चे एक महिला की मजाक उड़ा रहे थे जब मैं गेट पर पहुंचा और देखा कि वही एक आंख वाली मेरी मां गेट पर खड़ी है और उनका मजाक मेरे बच्चे उड़ा रहे हैं मैंने कहा मां आप हमारा पीछा करते-करते यहां क्यों आ गए 

मैंने कहा शायद मैं गलत पते पर आ गई हूं मुझे अपने बेटे को और उनकी फैमिली को देखने का बहुत मन था लेकिन शायद यह गलत एड्रेस है एक दिन मेरे पास अपने पुराने शहर से एक लेटर आया कि रियूनियन होने वाली है आपको आना है जब मैं पहुंचा रियूनियन में गया वह मेरी मां नहीं आई हुई थी 

फिर पता नहीं क्यों मुझे लगा कि शायद मुझे अपने पुराने घर को जा करके देखना चाहिए शायद देखना चाहिए कि मां कैसी हैं मैं वहां पहुंचा तो मां नहीं थी पड़ोसियों से पूछा कि उन्होंने जवाब में दिया कि उनकी तो कुछ दिन पहले डेथ हो चुकी है उन्होंने कहा कि अगर कोई आए तो उन्हें यह लेटर दे देना उस लेटर में लिखा था कि बेटा मुझे मालूम था कि तुम  रियूनियन में जरूर आओगे

आना तो मैं भी चाहती थी तुमसे मिलने बीमार इतनी हूं कि शायद मुझे लगता नहीं है कि मैं तुम तक पहुंच पाऊंगी आगे मां ने लिखा कि तुम्हें शायद एक आंख वाली मां से हमेशा दिक्कत रही है लेकिन बेटा शायद तुम्हें मालूम ना हो जब तुम छोटे थे तुम्हारी एक्सीडेंट में एक आंख चली गई थी और मैंने अपनी एक आंख तुम्हें डोनेट कर दी थी यह कहानी सुनने के बाद मेरे आंखों में आंसू थे

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि

हम हमेशा से ही सिक्के का एक ही पहलू को देखते हैं दूसरी और जानने की कोशिश भी नहीं करते हमारे साथ जो है हमारी लाइफ में जो है उसकी सिचुएशन क्या है हो सके तो खुशियां भारतीय हो सके तो मुस्कान लाने की कोशिश करें 

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