गलतियों से सीखिए | Learn From Mistakes Motivational Story

जिंदगी छोटी नहीं होती लोग जीना ही देरी से शुरू करते हैं जब तक रास्ते समझ में आते हैं तब तक लौटने का वक़्त हो जाता है

एक बार एक कंपनी में जैसा कि हर कंपनी में होता है वहां के लोग अपने बॉस से नाराज थे वहां पर लॉबिंग होने लगी जो उनके प्रेसिडेंट थे उनके खिलाफ लोग बात करना शुरू कर दिए बात करने लगे एक दूसरे से कहने लगे कि अब इसको हटाओ और बोल रहे थे इसको हटाने इस को हटाना है प्रेसिडेंट को जो उनके खास लोग थे जा करके बताया कि सर आपके खिलाफ लोग सोचने लगे हैं आपके खिलाफ लोग चाहते हैं कि आपको अब जल्द से जल्द हटाया जाए और आपसे बहुत नाराज हैं

इस प्रेसिडेंट ने सोचा कि अब क्या किया जाए फिर से लगा कि लोग मुझसे जब नाराज ही हो गए हैं अब मुझसे पीछा ही छुड़ाना चाहते हैं तो क्यों ना मैं छोड़ कर के चला जाऊं तो यह जो प्रेसिडेंट थे तो इन्होंने अपने ग्रुप में जो बाकी कंपनी के प्रेसिडेंट होते हैं उनमें से ढूंढना शुरू किया कि अब नए प्रेसिडेंट आ जाए कुछ महीनों के बाद में इन्होंने एक व्यक्ति को तलाश किया यह नए प्रेसिडेंट को ले करके अपने कंपनी में आए अपने सारे इंप्लाइज को बुलाया और बताया कि अब क्योंकि आप ही चाहते थे आप में से कुछ लोगों ने सोचा था कि मुझे हटाया जाए तो मैं खुद इस कंपनी से हट रहा हूं और मेरे जगह पर जो इस कंपनी के नए प्रेसिडेंट हैं वह यह होंगे इनको मैं कार्यभार सौंप करके जा रहा हूं 

ऐसा बोल करके उन्होंने कंपनी के सामने जो काम था वह सारा काम कंपनी के नए प्रेसिडेंट को सौंप दिया अब यह काम सौंपने के बाद अब यह जो दोनों प्रेसिडेंट थे यानी कि जाते और आते हुए जो प्रेसिडेंट थे यह कैबिन में मिले जो जाते हुए प्रेसिडेंट थे उन्होंने नए प्रेसिडेंट से कहा कि देखो मैं जा रहा हूं और जाने से पहले मैं बस एक बात कहना चाहता तुम्हारे लिए मैंने दो लिफाफे तैयार किए हैं एक काम करना जब भी इस कंपनी में जब भी इस मैनेजमेंट में कोई भी परेशानी कोई भी दिक्कत आए तुम लिफाफा नंबर 1 खोले ना फिर से अगर कोई दिक्कत आए तो दूसरा लिफाफा तैयार है 

यह जो नए प्रेसिडेंट थे उन्होंने कहा कि भाई चक्कर क्या है आखिर में लिफाफे का तो पुराने वाले प्रेसिडेंट ने कहा कि नहीं नहीं नहीं तुम्हें वक्त के साथ पता लगेगा  तुम्हें खुद समझ में आ जाएगा तुम बस काम करना शुरु करो ऐसा बोल कर के यह जो प्रेसिडेंट इन्होंने दूसरे वाले को ऑल द बेस्ट किया और चले गएन नईप्रेसिडेंट ने काम करना शुरू किया कंपनी में मीटिंग होने लगी सब कुछ बढ़िया चल रहा था शुरु शुरु में तो लोगों को बड़ा अच्छा लगा कि अरे भाई नया बॉस आगे तालियां बजने लगी लेकिन वक्त के साथ में इन वाले बॉस से भी कंपनी के एंप्लॉय नाराज होने लगे उन्हें लगा कि इनको भी काम करना नहीं आता न जाने क्यों लगता है कि उनका बॉस जो है वह नाकारा है लोगों को अब यह लगने लगा कि जो यह प्रेसिडेंट है अब इनको भी बदलना चाहिए कोई नया प्रेसिडेंट आना चाहिए 

इनकी भी खास लोग थे वह लोग इन को बताया कि सर आपके खिलाफ सोचने लग गए हैं आप को हटाना चाहते हैं अब इनको याद आया कि जो जाते हुए प्रेसिडेंट जो पुराने प्रेसिडेंट थे उन्होंने मुझे दो लिफाफे दिए हुए थे यह अपने कैबिन में गए अलमीरा खोली लिफाफा नंबर 1 निकाला उसे खोल करके जब पढ़ने लगे तो उसमें लिखा था कि जो भी गलती हुई है जो भी समस्या है सारा दोष पिछले वाले पर लगा दो ये बाहर आए इन्होंने कंपनी की मीटिंग ली और उन्होंने कहा जो भी दिक्कत चल रही है आप लोग परेशान चल रहे हैं  सारा का सारा कसूर है जो है वह पुराने वाले का प्रेसिडेंट का है लोग बड़े खुश हुए आपस में बात करने लगे कि वह तो था ही ऐसा सही कह रहे हैं

यह कुछ दिन के बाद फिर से कंपनी में ठीक चल रहा था महीने 2 महीने के बाद फिर से बगावत होने लगी फिर से समस्या आने लगी फिर से परेशान होने लगे ये जो प्रेसिडेंट थे ये अपने कैबिन में गए फिर से इन्होंने अलमीरा खोली लिफाफा नंबर 2 तैयार था इनको मालूम था कि अभी एक सलूशन बच रहा है लिफाफा नंबर दो इन्होंने खोला और उसको पढ़ने लगे उसमें लिखा था कि तुम्हारा समय समाप्त हो चुका है अब आने वाले प्रेसिडेंट के लिए दो नए लिफाफे तैयार करो   

इस से कहानी सीख मिलती है कि 

यह मजेदार कहानी बहुत बड़ी बात सिखा दिया है कि जिंदगी में जब तक आप अपनी गलतियों से भागते रहेंगे अपना दोस्त दूसरे पर डालते रहेंगे तब आपका टाइम खत्म होता जाएगा और आखिर में आपको जाना होगा जिंदगी सुधार करने का बस एक मौका देती है अगर वह मौका आपने मिस कर दिया तो आप जिंदगी में कुछ नहीं कर पाओगे इसीलिए गलतियों से सीखिए ताकि गलतियां दोबारा ना हो

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