जीवन हमेशा नए अवसर देता है | Life Always Gives New Opportunities Motivational Story

जिंदगी हमें हमेशा नया मौका देती है जिससे हम आसान शब्दों में कल कहते हैं

कारगिल में जब 1999 में सर्दी के दिनों में भारतीय सेना चौकी चौकिया खाली करके नीचे चली आई  तो पाकिस्तानी घुसपैठिए ने उस पर कब्जा कर लिया  हमारी 140 चौकियों को खाली करवाने की जिम्मेदारी सेना को दी गई लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह थी के दुश्मन जो थे वह पहाड़ी पर बैठे हुए थे और पहाड़ी पर बैठा एक सैनिक 10 सैनिक के बराबर होता है हम week पोजीशन में थे ऐसे में जिम्मा इंडियन एयरफोर्स को दिया गया इंडियन एयरफोर्स ने इस मिशन को नाम दिया ऑपरेशन सफेद सागर 

इंडियन एयरफोर्स के स्कोडा नंबर 9 को इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई वॉल्टिक सेक्टर में जाना था 17000 फीट की ऊंचाई पर दुश्मन से अपनी चौकिया खाली करवानी थी और फिर से उस पर अपना तिरंगा लहराना था स्कोडा लीडर अजय आहूजा को इस मिशन की जिम्मेदारी सौंपी गई 27 मई 1999 कि वह तारीख थी जब अजय अहूजा ने मिग-21 जब उड़ान भरी स्कोडा लीडर अजय आहूजा के बगल में ही थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता जोगी 26 साल के थे और मिक-27 उड़ा रहे थे

हमारी जो सेना थी वायु सेना वह अपना काम बखूबी कर रही थी 10:45 का वक्त हो चुका था बम वर्षाआ रही थी दुश्मनों पर सब कुछ प्लानिंग के मुताबिक चल रहा था सरकार ने कहा था कि एलओसी क्रॉस नहीं करना है एलओसी के अंदर रहकर के कार्यवाही कर रहे थे तभी तकनीक ने धोखा दिया और 26 साल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता के प्लेन ने अचानक से स्पीड कम कर दी उनका प्लेन तेजी से स्पीड गिरा रहा था और उनका प्लेन साडे 450 किलोमीटर पर आवर स्पीड पर आकर के रुक गया फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पास कोई मौका नहीं था के नचिकेता अपनी इस स्कोडा लीडर को यह इंफॉर्मेशन दी कि उनका प्लेन तेजी से नीचे जा रहा है और उन्होंने कहा कि मेरे पास एग्जिट व होने के अलावा मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है  

स्कोडा लीडर अजय आहूजा के पास अब दो ऑप्शन थी या तो वह खुद एयरवेज वापस आ जाते सुरक्षित या फिर वह के नचिकेता के प्लेन के पीछे जाते और उनकी लोकेशन के बारे में मालूम करते ताकि जब भी रिस्क ऑपरेशन होता तोi उनकी लोकेशन मालूम चल पाती स्कोडा लीडर अजय आहूजा ने दूसरा रास्ता चुनाव अपने साथी के नचिकेता कि लोकेशन लेने के चक्कर में  स्कोडा लीडर अजय आहूजा जमीन से काफी नीचे उड़ रहे थे और वह दुश्मन की रेंज में आ गए कि तभी एक मिसाइल आ करके उनके प्लेन से टकराई और उनके पास भी प्लेन से एग्जिट होने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा उन्होंने जब लैंड किया वह हिंदुस्तानी सीमा में ही उन्होंने लैंड किया लेकिन क्योंकि हमारी सीमा में पाकिस्तानी सैनिक तो पाकिस्तानी सैनिकों ने स्कोडा लीडर अजय आहूजा को घेर लिया 

और गोली मार दी और स्कोडा लीडर अजय आहूजा शहीद हो गए इधर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता जो कि पाकिस्तान की सीमा में लैंड कर चुके थे दुश्मन की सीमा में देखा तो दूर-दूर तक बर्फ की चादर थी और उन्हें तब समझ में आया कि इस ऑपरेशन का नाम  सफेद सागर क्यों रखा गया था पाकिस्तानी सैनिकों को पाकिस्तानी सेना को यह मालूम चल चुका था की उनकी सीमा में एक इंडियन पायलट ने लैंड किया है 

पाकिस्तानी सैनिक नचिकेता को देख कर के दूर से गोलीबारी करना शुरू किया नचिकेता ने भी अपने डिफेंस में गोली चलाना शुरु किया लेकिन जब वह अपनी पिस्टल के मैगजीन बदल रहे थे तभी पाकिस्तानी सैनिकों ने नचिकेता को पकड़ लिया अपने ठिकाने पर ले गए उससे मारपीट करना शुरू किया पूछताछ के नाम पर टॉर्चर करना शुरू किया लेकिन तभी इस कहानी में आए पाकिस्तान के एयरफोर्स डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन कैसल तुफैल कैसल तुफैल ने नचिकेता को पाकिस्तानी जवानों से छुड़वाया उनको एक कमरे में लेकर के गए उनसे बातचीत की वह वेजिटेरियन थे उनके लिए वेजिटेरियन ब्रेकफास्ट का इंतजाम किया और उनसे बातचीत में अपने परिवार की स्थिति बताएं उनके परिवार के बारे में जाना एक इंटरव्यू में ने नचिकेता बताया कि कैसल तुफैल ने उनके लिए एक दोस्त की तरह आए उससे दोस्ताना व्यवहार किया परिवार की बातें की कैसल तुफैल के साथ नचिकेता सुरक्षित थे 

इधर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ रहा था इंटरनेशनल मीडिया कह रहा था कि जेनेवा कन्वेंशन को फॉलो करना होगा 7 दिनों के बाद 4 जून 1999 की तारीख थी जब के नचिकेता फ्लाइट लेफ्टिनेंट बागा बॉर्डर से फिर हिंदुस्तान चले आए उन्हें भारत की सरकार ने बहादुरी के लिए उन्हें पुरस्कारों से नवाजा 

इस कहानी से सीख मिलती है कि 

जब आप हो सर रखते हैं मत रखते हैं तो ऊपर वाले का भेजा वह बंदा कोई ना कोई आपका मदद करेगा जिंदगी में कभी ना घबराए

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