आस्था की कहानी | Story Of Faith Motivational Story

जीवन में ऐसी सोच, रखिए जो खो जाए उसका गम नहीं, पर जो पाया है, वह किसी से कम नहीं पर जो  नहीं है वह एक ख्वाब, है पर जो है वह लाजवाब है।

यह कहानी एक संन्यासी की है जो नदी के दूसरी पार रहते थे और नदी के इस पार इनका एक भक्त परिवार रहा करता था इस परिवार में पिता जी माता जी और एक बिटिया जी थी इस फैमिली की एक ड्यूटी थी कि यह हर साम को बाबा जी के लिए गाया का दूध लेकर के जाते थे क्योंकि बाबा जी का एक रूटीन था कि वह गाय का दूध पीते थे और ईश्वर की तपस्या करते थे रोजाना वह तपस्या में लीन रहते थे शाम में जब इस परिवार से कोई भी वहां पहुंचता था तो इस परिवार से गाय का दूध ले लेते उसके बाद गया का दूध पीने के बाद फिर से वह तपस्या में लग जाते थे

वह जो सन्यासी थे वह जो बाबाजी थे एक बात की सिद्धि करना चाहते थे वह एक बात को सिद्ध करना चाहते थे कि वो लगातार तपस्या कर रहे थे उनकी एक ख्वाहिश थी एक इच्छा थी कि वह पानी पर चले पानी पर चलने की वह सिद्धि प्राप्त करना चाहते थे 

उसके लिए लगातार तपस्या चली जा रही थी वह बरसों से तपस्या कर रहे थे मॉनसून का वक्त आया यह जो परिवार था इसमें जो पिता जी थे उन्हें शहर जाना पड़ा किसी काम से तो घर पर माताजी थी और बिटिया जी थी तो माता ने कहा कि बिटिया आज शाम को वहां पर दूध लेकर के जाना है तुम्हें बाबाजी के लिए वह केतली में दूध ले जाने के लिए तैयार हुई तभी अचानक से बादल आ गए तो माताजी ने अपनी बिटिया से कहा कि बेटा एक काम करना बाबा जी से कह देना कि आज लगता है कि कल घनघोर बारिश होने वाली है तो कल मैं आपके लिए दूध नहीं ला सकती यह छोटा सा मैसेज बाबा जी को दे देना बाबा जी समझ जाएंगे 

बिटिया चली अपने घर से नदी पार करके पहुंची अच्छा बाबा जी तपस्या करते थे वहां जाकर दूध लेकर के पहुंची उनके आश्रम में जाकर के दूध की केतली रखी और बाबा जी को प्रणाम किया और बोली की माताजी का एक छोटा सा आदेश है की कल घनघोर बारिश हो सकती है इसलिए मैं आपके लिए कल दूध लेकर के नहीं आ सकूंगी पिता जी भी शहर गए हुए हैं जो सन्यासी थे उन्होंने कहा कि बेटा क्यों तू परेशान हो रहे हो मैं तुम्हें एक ऐसा मंत्र दूंगा कितनी भी बारिश हो कितनी भी नदी में पानी आ जाए तुम पानी पर चल कर के उस पार से इस पर आ सकती हो वह जो लड़की थी वह चौक गई उसने कहा कि बाबा जी सच में बाबा जी ने कहा कि हां ये मंत्र तुम मुझसे लेकर के जाओ अगर बारिश हो जाए अगर नदी भर जाए तब भी तुम पानी पर चल करके आना और मेरे लिए गाय का दूध लेकर आना क्योंकि मेरी तपस्या में कोई भंग नहीं होना चाहिए

वह बिटिया अपने घर आ कर के अपनी माता जी को सारी बात बताई मम्मी जी को भी विश्वास नहीं हुआ फिर कहा कि ठीक है बाबा जी ने कहा है तो सही होगा अगली शाम में घनघोर बारिश हो रही थी पानी आ चुका था बाढ़ जैसा सीन हो चुका था तो वह जो लड़की की माता जी थी उन्होंने बोला कि बेटा आज मत जाओ तो उस लड़की ने कहा कि नहीं मम्मी उन्होंने मुझे मंत्र दिया है मुझे उस पर विश्वास है मैं नदी पार कर लूंगी आप घबराओ मत इतने बड़े बाबा जी है कितने बड़े सन्यासी है इतने दिनों तक हम उनकी सेवा करते आ रहे हैं तो थोड़ी ना उनका मंत्र विफल होगा तू मम्मी ने भी सोचा चलो ठीक है लड़की जाना चाहती है यह दूध की केतली लेकर के चली अपने घर से और वह गई थी उसके हाथ में केतली थी और नदी के पास पहुंची 

इस लड़की को नदी से इस पार से उस पार जाना था नदी में पानी भरा हुआ बाढ़ आ रही थी लड़की ने वह मंत्र याद किया मंत्र जपते जपते जपते वह नदी पार कर गई नदी पार करने के बाद वो जो बाबा जी का आश्रम था जा कर के वहां पहुंची और वहां जाकर के वह जो गाय की दूध की केतली थी वहां जा कर के रख दी बाबा जी देखते रह गए बाबा जी सोचा और सुन हो गए कि यह क्या हो गया वह चमत्कार को नमस्कार करने लगे और उन्हें लगा उन सिद्धि प्राप्त कर ली है उनको लगा कि उन्होंने सिद्धि प्राप्त कर ली है

जिस चीज की तपस्या सालों से करते आ रहे थे वह आज सिद्ध हो गई उनकी वजह से उनके दिए हुए मंत्र के वजह से वह लड़की नदी के पानी पर चलते हुए आ गई बाबा जी बड़े खुश हुए उस लड़की को बोला कि धन्यवाद बेटा लड़की उस पानी पर चलते-चलते मंत्र जपते जपते वापस नदी पार कर के आ गई बाबा जी यह सब देख रहे थे और बाबा जी मन ही मन खुश होने लगे छूने लगे नाचने लगे अब तो कमाल हो गया है 

बाबा जी ने सोचा कि क्यों ना मैं खुद चल कर के देखो  बाबा जी जो नदी पर पानी था उस पर चले के लिए आए इस पार से उस पार चलने के लिए तैयारी करने लगे जैसे ही उन्होंने पानी में पैर रखा बाबा जी डूब गए बाबाजी डूब गई लेकिन वह जो लड़की थी वह पानी पर चल के उस पार चली गई क्यों क्योंकि बाबा जी को अपने ही मंत्र पर खुद विश्वास नहीं हो रहा था और उस लड़की को उस मंत्र पर विश्वास था विश्वास था कि वह नदी पार करके बाबाजी के लिए दूध पहुंचा देगी 

इसका कहानी से सिक मिलती है कि

छोटे से कहानी में यह विश्वास की कहानी जितने सारे गरीब लोग जो बाद में अमीर बने उनको विश्वास था कि वह चेंज कर सकते हैं वह कमाल कर सकते थामस अल्वा एडिसन को विश्वास था कि एक दिन लाइट जलेगा बल्ब जलेगा और आज जला आप विश्वास रखिए खुद पर क्योंकि जमाना तो आप में कमी निकालता ही रहेगा

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